शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
खुदा गवाह है, तेरी दीवानगी का ये आलम मेरी ज़िंदगी के सफर में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 301]
रूह को मदहोश कर रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 301]