शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
दिल कहता है, तेरे इश्क का पावन रंग मेरे दिल के हर कोने में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 381]
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 381]