शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
हकीकत यही है, तेरी बाहों का ये आशियाना मेरी हर सुबह ओ शाम में,
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 161]
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 161]