ट्रू लव शायरी इन हिंदी
हर घड़ी, तेरी दीवानगी का ये आलम मेरी हर सुबह ओ शाम में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 466]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 466]