ट्रू लव शायरी इन हिंदी
हर घड़ी, तेरे लबों की ये हंसी मेरी हर मुराद में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 391]
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 391]