ट्रू लव शायरी इन हिंदी
खामोशियों के दरमियां, तेरी बाहों का ये आशियाना मेरे रोम-रोम के अहसास में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 102]
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 102]