शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
हकीकत यही है, तेरी खूबसूरत सूरत का नूर मेरी आँखों की पुतलियों में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 336]
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 336]