रोमांटिक शायरी
इश्क़ में, तेरी खामोशी का पैगाम मेरी सूनी रातों में,
मेरी पहचान बन चुका है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।
मेरी पहचान बन चुका है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।