ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
हकीकत यही है, उम्मीदों के टूटने की ये सदा मेरे सीने के अंदर,
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 681]
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 681]