ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
अक्सर, तन्हाइयों का ये खौफनाक साया मेरे सीने के अंदर,
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी।
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी।