शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
याद रखना, तेरी मोहब्बत की खुशबू मेरे दिल के हर कोने में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 493]
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 493]