४ लाइन शायरी (रुबाई)
कसम से, तेरी मीठी बातों का जादू मेरे दिल की धड़कनों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 709]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 709]