ग़ज़ल और नज़्म
हर घड़ी, तेरी हर बात का मिठास मेरे सपनों के आंगन में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।