दर्द भरी और तन्हाई शायरी
कसम से, उदासी की ये लंबी शामें मेरे दर्दमंद दिल में,
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।