४ लाइन शायरी (रुबाई)
इश्क़ में, तेरे प्यार का असर मेरे ख्यालों की दुनिया में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 193]
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 193]