सैड शायरी इन हिंदी
याद रखना, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरे दर्दमंद दिल में,
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [सैड शायरी इन हिंदी 637]
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [सैड शायरी इन हिंदी 637]