सैड शायरी इन हिंदी
यूं तो, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी भीगी आँखों में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [सैड शायरी इन हिंदी 773]
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [सैड शायरी इन हिंदी 773]