इश्क़ और मोहब्बत शायरी
यकीन मानो, तेरी नज़रों का ये तीर मेरे ख्यालों की दुनिया में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है।
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है।