शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
खुदा गवाह है, तेरी खूबसूरत सूरत का नूर मेरी खुशियों के आशियाने में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 73]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 73]