शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
ऐ दोस्त, तेरी यादों का ये कारवां मेरी खुशियों के आशियाने में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 697]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 697]