शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
तेरे इश्क की ये बारिश मेरी आँखों की पुतलियों में,
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 389]
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 389]