शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
दिल की गहराइयों से, तेरी खूबसूरत सूरत का नूर मेरी खुशियों के आशियाने में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 361]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 361]