ट्रू लव शायरी इन हिंदी
हर घड़ी, तेरी बाहों का ये आशियाना मेरे रोम-रोम के अहसास में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 166]
हर पल नया रंग भर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 166]