ट्रू लव शायरी इन हिंदी
बस इतना समझ लो, तेरी दीवानगी का ये आलम मेरी हर सुबह ओ शाम में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 594]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 594]