ट्रू लव शायरी इन हिंदी
ऐ सनम, तेरे हुस्न का ये दीदार मेरी आँखों की पुतलियों में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 609]
नया उजाला बिखेर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 609]