सैड शायरी इन हिंदी
मेरी हर दुआ में, रोते हुए दिल की ये बेबसी मेरे खामोश आशियाने में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान।
नासूर बनकर रिस रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान।