रोमांटिक शायरी
यकीन मानो, तेरी दीवानगी का ये आलम मेरी हर सुबह ओ शाम में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।
गुलाब की तरह महक रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।