रोमांटिक शायरी
ज़माने से कह दो, तेरी हर अदा का जलवा मेरी रूह की गहराइयों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है।