रोमांटिक शायरी
तेरी मासूम आँखों का नूर मेरी रूह की गहराइयों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।