शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
मेरी हर दुआ में, तेरी हर अदा का जलवा मेरी रूह की गहराइयों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 62]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 62]