दोस्ती शायरी इन हिंदी
खामोशियों के दरमियां, दोस्ती का ये महकता हुआ खूबसूरत गुलाब मुश्किलों के घने अंधेरों में,
हर ग़म को पल भर में भुला रहा है, ये वो पवित्र बंधन है जो कभी वक्त की मार से नहीं टूटता। [दोस्ती शायरी इन हिंदी 626]
हर ग़म को पल भर में भुला रहा है, ये वो पवित्र बंधन है जो कभी वक्त की मार से नहीं टूटता। [दोस्ती शायरी इन हिंदी 626]