बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
अक्सर, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरे दर्दमंद दिल में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
अंधेरों में धकेल रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।