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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी

धोखे, बिछड़ने के ग़म और बेवफाई पर लिखी गई असरदार शायरी।

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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी शायरी

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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
खुदा गवाह है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'खुदा गवाह है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
खुदा गवाह है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'खुदा गवाह है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
उदासी की ये लंबी शामें मेरे दर्दमंद दिल में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'उदासी की ये लंबी शामें मेरे दर्दमंद दिल में,' by फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (Faiz Ahmad Faiz) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
यकीन मानो, उदासी की ये लंबी शामें मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'यकीन मानो, उदासी की ये लंबी शामें मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
कसम से, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरी भीगी आँखों में,
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'कसम से, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरी भीगी आँखों में,' by वसीम बरेलवी (Wasim Barelvi) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
हर घड़ी, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरे दर्दमंद दिल में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'हर घड़ी, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरे दर्दमंद दिल में,' by फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (Faiz Ahmad Faiz) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
हकीकत यही है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरे दर्दमंद दिल में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'हकीकत यही है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरे दर्दमंद दिल में,' by फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (Faiz Ahmad Faiz) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
याद रखना, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'याद रखना, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
मेरी हर दुआ में, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 805]
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'मेरी हर दुआ में, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
अक्सर, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरे दर्दमंद दिल में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
ऐ दोस्त, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 865]
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'ऐ दोस्त, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
ऐ दोस्त, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'ऐ दोस्त, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
हकीकत यही है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'हकीकत यही है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
ऐ दोस्त, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी भीगी आँखों में,
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 765]
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'ऐ दोस्त, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी भीगी आँखों में,' by वसीम बरेलवी (Wasim Barelvi) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
सच है, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरे दर्दमंद दिल में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'सच है, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरे दर्दमंद दिल में,' by फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (Faiz Ahmad Faiz) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
हां, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 985]
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'हां, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
कसम से, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'कसम से, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरी सांसों की चुभन में,' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
हां, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी भीगी आँखों में,
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'हां, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी भीगी आँखों में,' by वसीम बरेलवी (Wasim Barelvi) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
दिल की गहराइयों से, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी सांसों की चुभन में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'दिल की गहराइयों से, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी सांसों की...' by मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
हकीकत यही है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी भीगी आँखों में,
खामोशी से रुला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 801]
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'हकीकत यही है, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी भीगी आँखों में,' by वसीम बरेलवी (Wasim Barelvi) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
मेरे हमदम, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी भीगी आँखों में,
खामोशी से रुला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'मेरे हमदम, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी भीगी आँखों में,' by वसीम बरेलवी (Wasim Barelvi) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
मेरे हमदम, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरे दर्दमंद दिल में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 689]
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'मेरे हमदम, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरे दर्दमंद दिल में,' by फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (Faiz Ahmad Faiz) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
यूं तो, उदासी की ये लंबी शामें मेरी भीगी आँखों में,
खामोशी से रुला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'यूं तो, उदासी की ये लंबी शामें मेरी भीगी आँखों में,' by वसीम बरेलवी (Wasim Barelvi) | 4K HD Status Image & DP Download
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बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
कसम से, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरे दर्दमंद दिल में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी 893]
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari Photo - 'कसम से, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरे दर्दमंद दिल में,' by फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (Faiz Ahmad Faiz) | 4K HD Status Image & DP Download
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