बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
हर घड़ी, तन्हाई की काली रातों का सन्नाटा मेरी यादों के खंडहर में,
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।