बेवफा शायरी इन हिंदी
दिल की गहराइयों से, छूटे हुए हमसफर की यादें मेरी खामोश रातों में,
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [बेवफा शायरी इन हिंदी 756]
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [बेवफा शायरी इन हिंदी 756]