बेवफा शायरी इन हिंदी
अक्सर, अधूरे ख्वाबों का ये बिखरा मंज़र मेरी वीरान ज़िंदगी में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [बेवफा शायरी इन हिंदी 971]
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [बेवफा शायरी इन हिंदी 971]