बेवफा शायरी इन हिंदी
इश्क़ में, दिल के अरमानों का ये जनाज़ा मेरी तकदीर के अंधेरों में,
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।