४ लाइन शायरी (रुबाई)
हर घड़ी, तेरे लबों की ये हंसी मेरी हर एक दुआ में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 336]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 336]