ज़िंदगी और हौसला शायरी
खामोशियों के दरमियां, समय का ये घूमता हुआ पहिया प्रकृति के हर एक बदलाव में,
अंदर से मजबूत और परिपक्व बना रहा है, कि हर दिन को ज़िंदगी का सबसे हसीन दिन बना लेना चाहिए। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 928]
अंदर से मजबूत और परिपक्व बना रहा है, कि हर दिन को ज़िंदगी का सबसे हसीन दिन बना लेना चाहिए। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 928]