ज़िंदगी और हौसला शायरी
खामोशियों के दरमियां, सांसों के इस कारवां का ये मीठा तराना ज़िंदगी के हर एक मोड़ पर,
हर पल को अनमोल और खास बना रहा है, कि मुस्कुराते हुए हर हाल में जीना ही सबसे बड़ी ज़िंदगी है। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 878]
हर पल को अनमोल और खास बना रहा है, कि मुस्कुराते हुए हर हाल में जीना ही सबसे बड़ी ज़िंदगी है। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 878]