ज़िंदगी और हौसला शायरी
बस इतना समझ लो, तकदीर और तदबीर का ये गहरा खेल ज़िंदगी के हर एक मोड़ पर,
हर पल को अनमोल और खास बना रहा है, कि हर दिन को ज़िंदगी का सबसे हसीन दिन बना लेना चाहिए। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 670]
हर पल को अनमोल और खास बना रहा है, कि हर दिन को ज़िंदगी का सबसे हसीन दिन बना लेना चाहिए। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 670]