ज़िंदगी और हौसला शायरी
यूं तो, नेक कर्मों की ये महकती हुई खुशबू सच्चे और पवित्र कर्मों के साथ,
सच्ची खुशी और संतोष दे रहा है, पर ज़िंदगी दोबारा नहीं मिलती इस वक़्त को बदलने के लिए। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 919]
सच्ची खुशी और संतोष दे रहा है, पर ज़िंदगी दोबारा नहीं मिलती इस वक़्त को बदलने के लिए। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 919]