ट्रू लव शायरी इन हिंदी
सदा, तेरी चाहत का नशा मेरे सपनों के आंगन में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 671]
हर ग़म को मिटा रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 671]