ट्रू लव शायरी इन हिंदी
याद रखना, तेरी सांसों की महक मेरी हर सुबह ओ शाम में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 482]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 482]