ट्रू लव शायरी इन हिंदी
मेरे हमदम, तेरे हुस्न का ये दीदार मेरी आँखों की पुतलियों में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 385]
नया उजाला बिखेर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 385]