ट्रू लव शायरी इन हिंदी
खामोशियों के दरमियां, तेरी पाकीज़ा वफ़ा का साया मेरे दिल की धड़कनों में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।
अमृत बनकर घुल गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।