ट्रू लव शायरी इन हिंदी
खामोशियों के दरमियां, तेरी हर बात का मिठास मेरी हर मुराद में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 727]
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 727]