ट्रू लव शायरी इन हिंदी
तेरी दीवानगी का ये आलम मेरी हर सुबह ओ शाम में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।