ट्रू लव शायरी इन हिंदी
बस इतना समझ लो, तेरी सांसों की महक मेरी हर सुबह ओ शाम में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 194]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [ट्रू लव शायरी इन हिंदी 194]