सैड शायरी इन हिंदी
खामोशियों के दरमियां, अधूरे ख्वाबों का ये बिखरा मंज़र मेरी वीरान ज़िंदगी में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।